• Vyasasya Karna व्यासस्य कर्ण
व्यासस्य कर्णः : संशय, संवाद और सत्य
पेज़ 210
मूल्य 449
**व्यासस्य कर्णः**
*संशय, संवाद और सत्य*

क्या कर्ण वास्तव में परिस्थितियों का शिकार था?

क्या उसके साथ हुए अन्याय ने उसे अधर्म के पक्ष में खड़ा होने के लिए विवश किया था, अथवा वह स्वयं अधर्म का ध्वजवाहक था?

उसके साथ अधर्म हुआ था, या वह स्वयं अधर्म का सहभागी था?

क्या वास्तव में वह अर्जुन से श्रेष्ठ धनुर्धर था, या केवल स्वयं को श्रेष्ठ मानता रहा?

कुरुक्षेत्र के सत्रहवें दिन, जब कर्ण और अर्जुन के मध्य अंतिम युद्ध अपने निर्णायक क्षण पर पहुँचता है, तब केशव समय को रोक देते हैं। समस्त रणभूमि जड़ हो जाती है और केवल दो व्यक्तित्व शेष रह जाते हैं - वासुदेव कृष्ण और राधेय कर्ण।

इसके पश्चात आरम्भ होती है एक अद्वितीय यात्रा।

कर्ण अपने जीवन की प्रत्येक पीड़ा, प्रत्येक अपमान, प्रत्येक असफलता और प्रत्येक शिकायत को कृष्ण के समक्ष रखता है। जन्म से लेकर शिक्षा तक, द्रौपदी के स्वयंवर से लेकर विराट युद्ध तक, और अभिमन्यु-वध से लेकर महायुद्ध के निर्णायक क्षणों तक, कृष्ण कर्ण को उसके जीवन का वह सत्य दिखाते हैं, जिसे वह जीवनभर नकारता रहा।

यह उपन्यास लोककथाओं, जनश्रुतियों और आधुनिक धारणाओं के कर्ण की नहीं, अपितु महर्षि व्यास द्वारा रचित उस कर्ण की खोज है जो प्रतिभाशाली था, किन्तु त्रुटिहीन नहीं; पराक्रमी था, किन्तु निष्पाप नहीं।

क्या कर्ण वास्तव में भाग्य का पराजित नायक था, या अपने ही कर्मों का परिणाम?

इन प्रश्नों के उत्तर छिपे हैं **“व्यासस्य कर्णः : संशय, संवाद और सत्य”** के पृष्ठों में।

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Vyasasya Karna व्यासस्य कर्ण

  • Brand: FlyDreams
  • Product Code: Vyasasya Karna
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  • ₹449.00INR
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Tags: Books & Novels, Story Book